भारत-EU FTA फाइनल: इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता, खुलेंगे नए आर्थिक रास्ते

Senior Reporter India: भारत और यूरोपीय संघ के बीच मंगलवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दे दिया गया। इस बड़े समझौते के तहत यूरोपीय संघ के 27 देशों में बनने वाले लगभग 96.6 प्रतिशत उत्पाद अब भारत में बिना शुल्क या बेहद कम टैरिफ पर उपलब्ध होंगे। वहीं, भारत से निर्यात होने वाले करीब 93 प्रतिशत सामानों को यूरोपीय बाजारों में ड्यूटी-फ्री एंट्री मिलेगी।
इस अहम आर्थिक समझौते की औपचारिक घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच हुई उच्चस्तरीय शिखर वार्ता के बाद की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के अब तक के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौतों में से एक करार दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक व्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है, और ऐसे हालात में भारत-यूरोपीय संघ की यह साझेदारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता और भरोसा पैदा करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि यह समझौता अमेरिकी टैरिफ से जुड़े दबावों से निपटने में दोनों पक्षों के लिए सहायक साबित होगा।
FTA के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने तथा भारतीय पेशेवरों और प्रतिभाओं के यूरोप में आवागमन को आसान बनाने से जुड़े दो अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह डील भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों को यूरोपीय बाजार तक बेहतर पहुंच दिलाएगी, वहीं विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में नए रोजगार और निवेश के अवसर भी पैदा करेगी।
सरकार का मानना है कि इस समझौते से भारत और EU के बीच निवेश बढ़ेगा, नवाचार आधारित साझेदारियां विकसित होंगी और वैश्विक सप्लाई चेन को और मजबूत आधार मिलेगा।
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