भारत–अमेरिका ट्रेड डील: किसानों को सुरक्षा, MSME को फायदा और US बाजार में बड़ी एंट्री

Senior Reporter India | नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Framework) को लेकर सहमति बन गई है। इस समझौते के साथ ही अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ को भी समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
इस व्यापार समझौते की सबसे अहम बात यह है कि भारत ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अमेरिका को कोई भी टैरिफ राहत नहीं दी है। मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, पोल्ट्री, दूध, चीज़, इथेनॉल, तंबाकू और कई फल-सब्जियों को पूरी तरह से संरक्षित रखा गया है।
कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस एग्रीमेंट से भारत के MSME सेक्टर, किसान और मछुआरों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा और उन्हें लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी।
समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जो अब चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों से भी कम है। इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 बिलियन डॉलर के एनर्जी प्रोडक्ट्स, विमान और उनके पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने की योजना बनाई है। इसके बदले भारत कई अमेरिकी औद्योगिक और कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा या पूरी तरह समाप्त करेगा।
इनमें सूखे अनाज, पशु आहार, लाल ज्वार, मेवे, ताजे व प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट जैसे उत्पाद शामिल हैं।
भारत और अमेरिका के बीच टेक्नोलॉजी ट्रेड को भी नई रफ्तार मिलेगी। GPU, डेटा सेंटर से जुड़े उपकरण और उन्नत तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर दोनों देशों ने सहमति जताई है।
डिजिटल ट्रेड के क्षेत्र में भी दोनों देश भेदभावपूर्ण और जटिल नियमों को हटाकर पारदर्शी और आपसी लाभ वाले डिजिटल नियम बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। 🍎 सेब आयात पर संतुलित फैसला
घरेलू किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भारत ने अमेरिकी सेब पर कोटा आधारित टैरिफ राहत दी है। अमेरिकी सेब के लिए 80 रुपये प्रति किलो का न्यूनतम आयात मूल्य (MIP) तय किया गया है और उस पर 25% आयात शुल्क लागू रहेगा। यानी 100 रुपये प्रति किलो से कम कीमत पर सेब भारत में नहीं आ सकेंगे।
🥦 संरक्षित कृषि और डेयरी उत्पाद
भारत ने जिन उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षा दी है, उनमें शामिल हैं—
- फ्रोजन सब्जियां: आलू, मटर, खीरा, बीन्स, प्याज, लहसुन
- डेयरी उत्पाद: दूध, चीज़, क्रीम, मक्खन, घी, दही, व्हे
- अनाज: गेहूं, मक्का, चावल, जौ, बाजरा, रागी, ज्वार
- मसाले: काली मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, लौंग, अदरक
- फल: संतरा, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी
इस तरह यह ट्रेड डील भारत के घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा और निर्यात को बढ़ावा—दोनों के बीच संतुलन बनाती है।
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