इसरो-नासा का निसार मिशन आज होगा लॉन्च, 19 मिनट में कक्षा में पहुंचेगा उपग्रह”

इसरो : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और नासा का संयुक्त मिशन, निसार, वैश्विक स्तर पर पृथ्वी अवलोकन के संदर्भ में भारत की अंतरिक्ष इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। निसार के पूर्व ग्राउंड सेगमेंट इंजीनियर और पूर्व परियोजना प्रबंधक राधा कृष्ण कावुलुरू ने कहा, “दुनिया भर के लोग इसका डेटा डाउनलोड कर सकेंगे।” निसार को बुधवार शाम 5:40 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-S16 रॉकेट के ज़रिए प्रक्षेपित किया जाएगा। यह पहला ऐसा मिशन है जिसमें पहली बार किसी उपग्रह को GSLV रॉकेट के ज़रिए सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
सूर्य-समकालिक कक्षा वह कक्षा होती है जिसमें उपग्रह पृथ्वी के ध्रुवों के ऊपर से गुज़रता है और हर बार किसी विशेष स्थान के ऊपर से गुज़रने पर सूर्य की रोशनी की स्थिति एक जैसी रहती है। दुनिया भर से डेटा एकत्र किया जाएगा। हर देश की सरकारें इसका इस्तेमाल करेंगी… कावुलुरू ने कहा कि निसार दुनिया भर से डेटा एकत्र करेगा और इसका इस्तेमाल व्यावसायिक और वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। 19 मिनट बाद निर्धारित कक्षा में स्थापित किया जाएगा जीएसएलवी-एस16 रॉकेट की लंबाई 51.7 मीटर है। इसे चेन्नई से लगभग 135 किलोमीटर पूर्व में स्थित दूसरे लॉन्च पैड से प्रक्षेपित किया जाएगा। प्रक्षेपण के लगभग 19 मिनट बाद उपग्रह के अपनी निर्धारित कक्षा में स्थापित होने की उम्मीद है।
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