ITBP आरक्षक ने ASI को मारी गोली
खरोरा मुड़पार स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 38वीं बटालियन के कैंप में परेड के दौरान कम टर्नआउट पर डांट लगने से नाराज जवान (कॉन्स्टेबल) ने अपने अफसर (एएसआई) पर इंसास राइफल से फायरिंग कर दी।

खरोरा: आरोपी ने 20 गोलियों की पूरी मैगजीन खाली कर दी। सुबह साढ़े आठ-नौ बजे हुई इस घटना में एएसआई देवेंद्र सिंह दहिया (59 वर्ष) को 18 गोलियां लगीं। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राइफल के चैंबर में दो गोलियां फंसी मिलीं। पुलिस ने हत्या के आरोप में कॉन्स्टेबल सरोज कुमार (32 वर्ष) को हिरासत में ले लिया है। दोनों कैंप के क्वार्टर में रहते थे, जवान का परिवार उसके साथ रहता है। घटना की सूचना करीब दस बजे खरोरा थाने को दी गई। एएसपी ग्रामीण कीर्तन राठौर और सीएसपी विधानसभा वीरेंद्र चतुर्वेदी खुद कैंप पहुंचे। पंचनामा कार्रवाई के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए खरोरा अस्पताल भेज दिया।
आरोपी सरोज कुमार को हिरासत में लेकर इंसास राइफल जब्त कर ली गई है। आरोपी बिहार के बक्सर का रहने वाला है और अपनी पत्नी और 5 व 3 साल के दो बच्चों के साथ कैंप क्वार्टर में रह रहा था। मृतक देवेंद्र सिंह दहिया हरियाणा का रहने वाला था। उसका परिवार हरियाणा में ही है। बटालियन के अफसरों ने उसके परिजनों को हरियाणा में हुई घटना की जानकारी दे दी है। शाम को उसका शव हरियाणा स्थित उसके पैतृक गांव भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर ने पीएचक्यू क्वार्टर में खुद को मारी गोली – इससे पहले 30 दिसंबर 2024 को पीएचक्यू में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात सीएएफ कंपनी कमांडर पुलिस मुख्यालय अनिल सिंह गहरवाल (सतना निवासी) ने अपनी पिस्टल से खुद को गोली मार ली थी।
ये है गोली मारने की वजह – परेड के दौरान जवानों के सामने मारा थप्पड़ एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 8 बजे नियमित परेड के दौरान एएसआई देवेंद्र सिंह ने अन्य जवानों के सामने कांस्टेबल सरोज कुमार को डांटा तो वह नाराज हो गया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई तो एएसआई ने सिपाही को थप्पड़ भी मार दिया। बताया जाता है कि परेड के बाद सरोज कुमार घर गया और फिर अपनी ड्यूटी पर आया। इस दौरान उसने कैंप ग्राउंड में ही गोली चला दी। पहली गोली एएसआई के सिर में लगी। इसके बाद आरोपी ने लगातार फायरिंग कर पूरी मैगजीन खाली कर दी। मैगजीन में 20 गोलियां हैं। इसमें से 18 राउंड फायर किए गए। दो गोलियां चेंबर में फंसी मिली।




