प्रेरणा

महाकाल

 Motivation| प्रेरणा: महाकाल का अर्थ समय व काल की सीमा से परे एक ऐसी प्रचंड परोक्ष सत्ता से है, जो सृष्टि के सुसंचालन के दायित्व का निर्वहन करती है। अराजकता, अवांछनीयता का निराकरण इसी सत्ता के हाथों से होता है। महाकाल एक ऐसे दैवी प्रवाह का नाम है, जो समय-समय पर प्रतिकूलताओं को नष्ट करने एवं अनुकूलताओं को अवतरित करने के लिए गतिशील हो जाता है।

                 परमपूज्य गुरुदेव ने उल्लेख भी किया है कि ‘जब लोकमानस असंतुलित हो जाता है, तब मंगलमय शिव को रौद्ररूप धारण करना पड़ता है। उनके तांडव की थिरकन में सब अनर्गल, अनुपयुक्त एवं – अशुभ नष्ट हो जाता है और उनका दंड-विधान ही मनुष्य को दुर्जनता का पथ छोड़कर सज्जनता अपनाने के लिए प्रेरित करता है।’ 

                        सतयुग की वापसी सुनिश्चित है। चेतना के रूप में प्रज्ञावतार का, सद्बुद्धि का प्रवाह प्रारंभ हो चुका है और यह सब उन्हीं महाकाल की योजना का, युग प्रत्यावर्तन-प्रक्रिया का अंग है- जो इस महाअभियान के सूत्रधार हैं। आइए! उनके लीला सहचर बनने की तैयारी हम सभी कर लें।

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