राष्ट्रपति शासन के बाद मणिपुर को नई सरकार, खेमचंद सिंह बने मुख्यमंत्री

Senior Reporter India |नई दिल्ली। लगभग एक साल तक राष्ट्रपति शासन में रहने के बाद मणिपुर को आखिरकार नई सरकार मिल गई है। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के विधायक वाई. खेमचंद सिंह (62) ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खेमचंद सिंह राज्य के बहुसंख्यक मैतेई समुदाय से आते हैं।
राज्य में सामाजिक संतुलन और शांति स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए बीजेपी ने सरकार में सभी प्रमुख समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया है। कुकी समुदाय से बीजेपी विधायक नेमचा किपगेन और नागा समुदाय से नागा पीपल्स फ्रंट के विधायक एल. दिखो ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उल्लेखनीय है कि नेमचा किपगेन ने नई दिल्ली स्थित मणिपुर भवन से वर्चुअल माध्यम से शपथ ग्रहण किया।
इसके अलावा, बीजेपी विधायक गोविंददास कोंथौजम और नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के लोकेन सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति शासन हटाने की अधिसूचना शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले ही जारी की गई थी, जिसके बाद यह कार्यक्रम लोक भवन में आयोजित हुआ।
मणिपुर में फरवरी 2024 से राष्ट्रपति शासन लागू था। शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के कई विधायक, पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य में एनडीए के शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि मणिपुर 3 मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है। हिंसा की शुरुआत तब हुई थी जब पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी और अन्य आदिवासी समुदायों ने मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला था। इसके बाद राज्य में लंबे समय तक हिंसा फैली, जिसमें अब तक सुरक्षा बलों सहित कम से कम 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं।
🏛️ मणिपुर भवन में तय हुआ नेतृत्व
नई सरकार के गठन से पहले दिल्ली के मणिपुर भवन में एनडीए घटक दलों की एक अहम बैठक हुई थी। इसमें एनपीपी के 6 विधायक, एनपीएफ के 5 विधायक, 3 निर्दलीय विधायक और बीजेपी के विधायक शामिल हुए। इसी बैठक में खेमचंद सिंह को मुख्यमंत्री और किपगेन व दिखो को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने पर अंतिम सहमति बनी।
नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।




