लैब में बना मीट अब आपकी थाली में – वर्ल्ड फ़ूड इंडिया में छाया कल्टिवेटेड मीट का जलवा

सटीकता न्यूज़ / भारत : वर्ल्ड फ़ूड इंडिया के चौथे एडिशन में, जहां हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने नए प्रोडक्ट्स दिखाने वाले शानदार स्टॉल्स से भीड़ खींची, वहीं दिल्ली के भारत मंडपम के हॉल नंबर 14 में एक साधारण बूथ सबका ध्यान खींच रहा था। वजह थी कल्टिवेटेड मीट, या लैब में उगाया गया मीट। यह वही आइडिया है, जो अब तक सिर्फ़ साइंस-फिक्शन फ़िल्मों में ही दिखता था, लेकिन अब असलियत में हमारी थाली तक पहुंचने वाला है।
भारत सरकार की नई प्रायोरिटी – भारत सरकार ने अब इस सेक्टर को अपनी बायोइकॉनमी पॉलिसी में खास जगह दी है। गुड फ़ूड इंस्टीट्यूट-इंडिया में साइंस और टेक्नोलॉजी की हेड चंदना टेकाटे का कहना है कि सरकार चाहती है कि 2030 तक भारत की बायोइकॉनमी $300 बिलियन तक पहुंच जाए, और स्मार्ट प्रोटीन इसमें अहम रोल निभाएगा। मुंबई की बायोक्राफ्ट फ़ूड्स पहले ही अपने लैब में उगाए गए चिकन ब्रेस्ट के साथ टेस्टिंग इवेंट्स और कुकिंग कॉम्पिटिशन कर चुकी है। इस बीच, कई स्टार्टअप्स को डिपार्टमेंट ऑफ़ बायोटेक्नोलॉजी (DBT) की बायो-E3 पॉलिसी के तहत फंडिंग मिल रही है। अब, सिर्फ़ चिकन सेल ही नहीं, बल्कि बकरी, सुअर और मछली के सेल भी डेवलप किए जा रहे हैं।
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