विज्ञान

NASA का बड़ा कारनामा: इंसानों ने पहली बार अंतरिक्ष में एस्टेरॉयड का रास्ता बदल दिया

DART मिशन की टक्कर से न सिर्फ एस्टेरॉयड का ऑर्बिटल पीरियड बदला, बल्कि सूरज के चारों ओर उसका पूरा रास्ता भी थोड़ा बदल गया।

साल 2022 में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक प्रयोग हुआ, जब NASA ने जानबूझकर एक स्पेसक्राफ्ट को एस्टेरॉयड से टकराया। इस मिशन का उद्देश्य यह जांचना था कि क्या भविष्य में पृथ्वी की ओर आने वाले खतरनाक एस्टेरॉयड का रास्ता बदला जा सकता है।

इस मिशन को DART Mission कहा गया, जिसका पूरा नाम डबल एस्टेरॉयड रीडायरेक्शन टेस्ट है। प्रयोग में वैज्ञानिकों ने एस्टेरॉयड की एक जोड़ी – डिडिमोस और डिमोर्फोस – को टारगेट बनाया। टक्कर के बाद पता चला कि इस प्रयोग ने उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा असर डाला।

33 मिनट कम हो गया ऑर्बिटल पीरियड

वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि इस टक्कर से छोटे एस्टेरॉयड का अपने बड़े साथी के चारों ओर घूमने का समय लगभग 7 मिनट कम होगा। लेकिन परिणाम इससे कहीं ज्यादा प्रभावशाली निकला।

टक्कर के बाद डिमोर्फोस का ऑर्बिटल पीरियड करीब 33 मिनट कम हो गया। यह दिखाता है कि एक नियंत्रित टक्कर से अंतरिक्ष में मौजूद पिंडों की गति और दिशा को प्रभावित किया जा सकता है।

सिर्फ छोटा एस्टेरॉयड नहीं, पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ

नई स्टडी में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया। यह टक्कर केवल डिमोर्फोस के ऑर्बिट को ही नहीं बदली, बल्कि डिडिमोस और डिमोर्फोस की पूरी जोड़ी के सूरज के चारों ओर घूमने के रास्ते पर भी असर पड़ा।

यह पहली बार है जब इंसानों ने किसी प्राकृतिक अंतरिक्षीय वस्तु के Orbit को सीधे प्रभावित किया है।

कैसे हुआ यह बदलाव

डिडिमोस और डिमोर्फोस गुरुत्वाकर्षण के कारण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और दोनों एक साझा केंद्र के चारों ओर घूमते हैं, जिसे बैरीसेंटर कहा जाता है।

जब DART स्पेसक्राफ्ट ने डिमोर्फोस को टक्कर मारी, तो केवल एस्टेरॉयड को धक्का नहीं लगा बल्कि बड़ी मात्रा में मलबा भी अंतरिक्ष में फैल गया।

यह निकलने वाला पदार्थ सिस्टम से मोमेंटम लेकर बाहर गया, जिससे पूरी एस्टेरॉयड जोड़ी को हल्का सा झटका लगा और उनकी गति में बदलाव आया।

बहुत छोटा बदलाव, लेकिन बड़ा असर

वैज्ञानिकों के अनुसार इस टक्कर से एस्टेरॉयड सिस्टम की गति लगभग 11.7 माइक्रोमीटर प्रति सेकंड कम हो गई। यह सुनने में बहुत छोटा बदलाव लगता है, लेकिन अंतरिक्ष में छोटे बदलाव भी समय के साथ बहुत बड़े परिणाम पैदा कर सकते हैं।

अनुमान है कि यदि यही बदलाव जारी रहता है तो लगभग 10 साल में यह अंतर लगभग 3.7 किलोमीटर तक पहुंच सकता है।

पृथ्वी की सुरक्षा के लिए बड़ी उम्मीद

इस प्रयोग का असली मकसद ग्रहों की सुरक्षा से जुड़ा है। हमारे सौरमंडल में लाखों एस्टेरॉयड मौजूद हैं। अभी ऐसा कोई बड़ा एस्टेरॉयड नहीं है जो निकट भविष्य में पृथ्वी से टकराने वाला हो, लेकिन वैज्ञानिक संभावित खतरों के लिए पहले से तैयार रहना चाहते हैं।

अगर किसी खतरनाक एस्टेरॉयड की दिशा समय रहते बदल दी जाए, तो पृथ्वी को संभावित टक्कर से बचाया जा सकता है।

भविष्य में और अध्ययन होंगे

इस मिशन के परिणामों को और बेहतर समझने के लिए यूरोपियन स्पेस एजेंसी का Hera Mission आने वाले वर्षों में डिडिमोस सिस्टम तक पहुंचेगा।

यह मिशन DART द्वारा बने क्रेटर का अध्ययन करेगा और एस्टेरॉयड के आकार, संरचना और द्रव्यमान के बारे में ज्यादा सटीक जानकारी देगा।

अंतरिक्ष विज्ञान में नया अध्याय

अब तक के परिणामों से यह साफ है कि इंसान पहली बार किसी प्राकृतिक अंतरिक्षीय पिंड के रास्ते को बदलने में सफल हुआ है।

यह उपलब्धि भविष्य में पृथ्वी को संभावित एस्टेरॉयड टक्करों से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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