बेंगलुरु में नया शासन मॉडल – BBMP खत्म, 5 नए निगम और GBA का गठन

ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और पाँच नगर निगमों के गठन के बाद बेंगलुरु को एक नया विकेंद्रीकृत शासन ढाँचा मिला है। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इसे शासन के विकेंद्रीकरण और विकास में तेज़ी लाने का एक ‘ऐतिहासिक निर्णय’ बताया है। शहर ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) को अलविदा कह दिया है, जो 2 सितंबर तक शहर का संचालन कर रही थी। शिवकुमार ने कहा, “आज, 2025 में, GBA आखिरकार अस्तित्व में आ गया है। हमने बेंगलुरु का विकेंद्रीकरण कर दिया है। इससे बेहतर प्रशासन मिलेगा, शासन लोगों के और करीब आएगा और विकास में तेज़ी आएगी।” जानने योग्य पाँच बातें:
1. बेंगलुरु के 5 निगम
बेंगलुरु सेंट्रल, बेंगलुरु नॉर्थ, बेंगलुरु साउथ, बेंगलुरु ईस्ट और बेंगलुरु वेस्ट
2. इन निगमों का नेतृत्व कौन करेगा?
प्रत्येक निगम में आईएएस अधिकारी आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त, कर्नाटक प्रशासनिक सेवा (KAS) का एक अधिकारी संयुक्त आयुक्त और एक मुख्य अभियंता होगा। शिवकुमार ने कहा कि प्रत्येक निगम के आयुक्त तुरंत कार्यभार संभालेंगे और सीधे राजस्व संग्रह शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि निगम भवनों पर नया लोगो लगाया जाएगा, नए कार्यालयों के लिए ज़मीन चिन्हित की जाएगी, महापौरों का कार्यकाल दो साल और छह महीने का होगा और जीबीए की बैठकें हर तीन महीने में एक बार आयोजित की जाएँगी।
3. ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) की अध्यक्षता कौन करेगा?
जीबीए की अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, जबकि बेंगलुरु ज़िला प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे।
- संरचनात्मक परिवर्तन
इनमें प्रभागों की संख्या 27 से बढ़ाकर 50, उपविभागों की संख्या 75 से बढ़ाकर 150 और प्रत्येक निगम में 150 वार्डों की अधिकतम सीमा शामिल है। शिवकुमार ने कहा कि प्रति निगम 100 सीटें मानकर, पुनर्गठन से 500 नए निर्वाचित प्रतिनिधि बनेंगे, जिनमें से आधी महिलाएँ होंगी। उन्होंने कहा, “सभी कर सीधे संबंधित निगमों को दिए जाएँगे ताकि कोई इस पर सवाल न उठा सके।” उन्होंने आगे कहा कि जीबीए प्रमुख परियोजनाओं को संभालेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि स्थानीय निकायों से परामर्श किया जाए। 5. वार्डों का पुनर्गठन
शिवकुमार ने कहा कि वार्ड आरक्षण 30 नवंबर तक पूरा हो जाएगा, जिसके बाद राज्य चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा है कि वार्डों के पुनर्गठन पर अंतिम अधिसूचना 1 नवंबर, 2025 तक जारी कर दी जाएगी, जिसकी सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
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