त्योहारों में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज़ बढ़ा, लेकिन साइबर ठगी से रहें सतर्क

त्योहारों के मौसम में, कई कंपनियाँ अपने उत्पादों को बेचने के लिए कई तरह के ऑफर लेकर आई हैं। कुछ छूट दे रही हैं, तो कुछ कैशबैक। सरकार ने जीएसटी को खत्म या कम करके आम आदमी की स्थिति में सुधार किया है। इससे खुदरा और ऑनलाइन दोनों तरह की ऑनलाइन खरीदारी में तेज़ी आई है। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन ने साइबर धोखाधड़ी को बढ़ावा दिया है। सरकारें लोगों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई प्रयास करती हैं, लेकिन जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, ये प्रयास निरर्थक हैं।
लोगों को बिना बिल के कोई भी सामान नहीं खरीदना चाहिए। अगर आप बिना बिल के सामान खरीदते हैं और वह खराब निकलता है, तो आप कहीं भी शिकायत नहीं कर सकते। हम अक्सर ऐसी खबरें सुनते या पढ़ते हैं कि किसी ने कुछ ऑर्डर किया, लेकिन कंपनी ने कुछ और भेज दिया। अक्सर, कंपनियाँ सामान के साथ बिल नहीं भेजतीं। कुछ ऑनलाइन कंपनियाँ तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को पुराना या घटिया सामान बेचने के लिए लुभाती हैं। सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 में संशोधन करके उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू किया है। यह तो समय ही बताएगा कि इससे उपभोक्ताओं को कितना न्याय मिलेगा, लेकिन हमें ऑनलाइन खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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