ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष: उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में कई तरह के दोष देखने को मिलते हैं, जिसमें पितृ दोष भी शामिल है। पितृ दोष के कारण व्यक्ति को जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ज्योतिष के उपायों की मदद से इस दोष से मुक्ति पाई जा सकती है।सनातन धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष महत्व है। इसमें पितृ दोष से मुक्ति पाने के उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया है। पितृ दोष के कारण व्यक्ति को जीवन में बुरे परिणामों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में आइए आपको पितृ दोष के कारण और इससे मुक्ति पाने के उपाय के बारे में बताते हैं।ये है वजह ज्योतिष शास्त्र के अनुसार घर-परिवार में किसी की मृत्यु के बाद उसका अंतिम संस्कार या तर्पण न करने से पितृ दोष लगता है। इसकी वजह से उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलती।इसके अलावा बरगद, पीपल और नीम के पेड़ को काटने से व्यक्ति को जीवन में पितृ दोष की समस्या का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी पितृ दोष से पीड़ित हैं तो ज्योतिष शास्त्र में बताए गए उपाय जरूर करें। इससे पितरों को शांति मिलेगी।
पितृ दोष के लक्षण
■ पितृ दोष के दौरान घर-परिवार में कोई बीमार पड़ जाता है।
■ घर-परिवार में क्लेश की समस्या।
■ व्यापार में घाटा।
■ संतान प्राप्ति में कठिनाई का सामना करना।
■ किसी भी काम में बार-बार रुकावट आना।
■ तुलसी का पौधा सूख जाना।
■ कड़ी मेहनत करने के बाद भी जीवन में सफलता न मिलना।सपने में पितरों का दिखना।विवाह में रुकावटें आना।




