AI का धक्का: IT–BPO सेक्टर में पारंपरिक नौकरियाँ घटीं, स्किल्ड जॉब्स की नई दौड़ शुरू

New Delhi. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत के IT सर्विसेज़ और BPO सेक्टर में रोज़गार के माहौल में सबसे बड़े बदलाव ला रहा है। कुछ साल पहले तक, बड़ी संख्या में युवा लोग डेटा प्रोसेसिंग, सपोर्ट सर्विसेज़ और बेसिक कोडिंग जैसे कामों में लगे हुए थे, लेकिन अब ये काम ऑटोमेशन और AI सॉफ्टवेयर तेज़ी से ले रहे हैं। इस वजह से, पारंपरिक डिजिटल नौकरियाँ कम हो रही हैं, जबकि AI, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे नए रोल में मौके तेज़ी से बढ़ रहे हैं। NASSCOM और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के हालिया एनालिसिस के अनुसार, यह बदलाव परमानेंट है, और आने वाले सालों में भारत के वर्कफोर्स को स्किल्स-बेस्ड कॉम्पिटिटिवनेस की ओर बढ़ना होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का IT सर्विसेज़ और BPO सेक्टर पर सबसे सीधा और तुरंत असर पड़ा है। पिछले दो दशकों से, यह इंडस्ट्री क्लाइंट सपोर्ट, टेस्टिंग, डेटा मैनेजमेंट और प्रोसेस एग्जीक्यूशन वाली बड़ी टीमों पर आधारित थी। अब, चैटबॉट, कोडिंग असिस्टेंट और डेटा प्रोसेसिंग मॉडल जैसे टूल बहुत सारे काम संभाल रहे हैं। इससे रिक्रूटमेंट धीमी हो गई है और फ्रेशर्स के लिए नौकरी ढूंढना मुश्किल हो गया है। कई कंपनियों ने हायरिंग फ्रीज़ पॉलिसी अपनाई और अब स्किल्ड हायरिंग का मॉडल अपनाया जा रहा है।
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