
Jashpur. जशपुरनगर जिले में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। रात भर चली बर्फीली हवाओं और साफ आसमान की वजह से तापमान में इतनी तेजी से गिरावट आई कि इसने सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर में पहली बार पारा 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। हालांकि जिले में कोई ऑफिशियल वेदर स्टेशन नहीं है, लेकिन गम्हरिया इलाके में समर्थ जैन के घर पर लगे डिजिटल थर्मामीटर ने 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया, जो अब तक इस सीजन का सबसे कम तापमान माना जा रहा है। गांव वालों का कहना है कि उन्होंने नवंबर में इतनी कड़ाके की ठंड कभी महसूस नहीं की। उस सुबह अपने खेतों की ओर जा रहे किसान हैरान रह गए। धान के डंठल, पत्तियों और मेड़ों पर जमा ओस रातों-रात बर्फ में बदल गई थी, जिससे खेत सफेद चादर से ढक गए थे। गांव वालों के मुताबिक, पिछले दस सालों में नवंबर में यह पहली बार पाला पड़ा है।
गम्हरिया, मनोरा, सोनकारी, सन्ना और पंडरापाठ इलाकों में पाले का सबसे ज्यादा असर हुआ, यहां तक कि घास और सब्जियां भी सफेद हो गईं। आधी पकी धान की फसल पर पाले का नुकसान साफ दिख रहा है। बर्फ की परत दानों को सिकोड़ रही है, जिसका प्रोडक्शन पर गंभीर असर पड़ सकता है। मटर, टमाटर, आलू और पत्तेदार सब्जियों में भी ठंड का असर बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि अगर पाला एक-दो दिन और पड़ा तो 30-40 परसेंट तक नुकसान हो सकता है। सुबह फसल लेते ही वह बर्फ जैसी सख्त महसूस हुई। ठंड का असर कम करने के लिए किसानों ने रात भर खेतों में अलाव जलाकर धुआं किया। सुबह-सुबह सिंचाई करके मिट्टी का तापमान बढ़ाने की भी कोशिशें चल रही हैं।
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