
नई दिल्ली। लाल किला बम विस्फोट की जाँच से पता चला है कि एक सफेदपोश गिरोह से जुड़े संदिग्धों ने 32 पुराने वाहनों को विस्फोटकों से लैस करके विभिन्न स्थानों को निशाना बनाने की साजिश रची थी। आरोपियों ने 26 लाख रुपये नकद इकट्ठा करके उमर को सौंप दिए थे। इस बीच, लाल किला विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। गुरुवार को एक और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। सूत्रों से पता चला है कि आरोपियों ने शुरुआत में i20 और इकोस्पोर्ट जैसी गाड़ियों को विस्फोटकों के अनुकूल बनाना शुरू किया था।
इसके बाद, उन्होंने 32 और पुराने वाहनों में विस्फोटक लगाकर उन्हें विस्फोट के लिए तैयार करने की योजना बनाई। जाँच अधिकारियों के अनुसार, डॉ. उमर नाथी और डॉ. मुज़म्मिल के कमरे से एक डायरी बरामद हुई है। इसमें 8 से 12 नवंबर की तारीखें और लगभग 25 लोगों के नाम दर्ज हैं। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि डॉ. उमर ने ही कार बम विस्फोट को अंजाम दिया था। विस्फोट के बाद, उनका पैर स्टीयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फँसा हुआ पाया गया। इस पैर का डीएनए नमूना उमर की माँ के नमूने से पूरी तरह मेल खाता था। इससे पुष्टि हुई कि विस्फोट के समय उमर कार चला रहा था।
मुनाफ़े के लिए बेचा गया अमोनियम नाइट्रेट
सफेदपोश गिरोह ने गुरुग्राम, नूंह और आसपास के इलाकों से लगभग तीन लाख रुपये में 20 क्विंटल से ज़्यादा एनपीके खाद ख़रीदी। नाइट्रोजन, फ़ॉस्फ़ोरस और पोटैशियम के इस मिश्रण का इस्तेमाल आईईडी बनाने में होता है। पुलिस ने पिनगवां के एक उर्वरक विक्रेता डब्बू सिंगला को हिरासत में लिया है, जिसने डॉ. मुज़म्मिल को एनपीके बेचा था। ज़्यादा मुनाफ़े के लालच में, उसने 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट भी सप्लाई किया।
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