
Chhattisgarh । छत्तीसगढ़ के जाने-माने लेखक और भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ला का बुधवार को राज्य की राजधानी रायपुर के मारवाड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे शाश्वत शुक्ला ने चिता को मुखाग्नि दी। श्री शुक्ला को इस महीने की 2 तारीख को सांस लेने में दिक्कत के कारण रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती कराया गया था। उन्होंने मंगलवार, 23 दिसंबर को शाम 4:48 बजे वहीं अंतिम सांस ली। श्री शुक्ला 89 साल के थे। जाने-माने कवि डॉ. कुमार विश्वास भी शुक्ला के घर गए और पत्रकारों से कहा कि विनोद कुमार शुक्ला की मौत से भारतीय कविता के एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में पैदा हुए और जिनकी साहित्यिक चेतना 1980 के दशक में विकसित हुई, उनके लिए स्वर्गीय शुक्ला को पढ़ना और सुनना एक अनोखा अनुभव था।
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