संत नरसी मेहता

Motivation| प्रेरणा: गुजरात के प्रसिद्ध संत नरसी मेहता जब आठ वर्ष की उम्र तक बोलना नहीं शुरू कर पाए तो उनके परिवार के लोगों को चिंता होने लगी। बच्चे को अनेक वैद्यों को दिखाया गया, लेकिन कोई तरीका प्रभावी न रहा। उनकी दादी उनको नियमित मंदिर ले जातीं और वहाँ उनके बोलने हेतु मनौती मनातीं।
एक दिन मंदिर जाने के मार्ग में उन्हें एक संत दिखाई पड़े, जो बालक नरसी मेहता को देखते ही उनके चरणों में गिर पड़े और बोले- “माँ! यह बालक दिव्य आत्मा है। यह आगे चलकर प्रसिद्ध संत बनेगा और अनेकों को अपने भजनों से प्रेरणा देगा।”
नरसी की दादी आश्चर्य से बोलीं- “पर महाराज ! यह तो अभी बोल भी नहीं पाता।” संत बोले – “क्या कभी आपने इससे भगवान का नाम लेने को बोला है ?” ऐसा कहते हुए उन्होंने बालक नरसी से कहा – “बेटा! श्रीकृष्ण बोल।” भगवान का नाम लेते ही नरसी मेहता बोलने लगे। महान आत्माएँ प्रभुस्मरण से ही उद्दीप्त होती हैं।
नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।




