एसटीएफ ने गाजियाबाद में फर्जी दूतावास का किया भंडाफोड़

Ghaziabad/Uttar Pradesh: स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कविनगर स्थित एक आलीशान बंगले में चल रहे फर्जी दूतावास का भंडाफोड़ कर मास्टरमाइंड हर्षवर्धन जैन (47) को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी चार लग्जरी कारें, 18 नंबर प्लेट, 12 पासपोर्ट, विदेश मंत्रालय की फर्जी मुहरें भी बरामद की गईं। एसटीएफ ने दो पैन कार्ड, 34 देशों की कंपनियों की अलग-अलग मुहरें, दो प्रेस कार्ड और 44.70 लाख रुपये की भारतीय व विदेशी मुद्रा भी जब्त की है। गाजियाबाद के कविनगर स्थित इसी बंगले में फर्जी दूतावास चलाया जा रहा था। आरोपी हर्षवर्धन जैन ने चार लग्जरी कारों पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थीं। उसके पास से नकदी भी बरामद हुई है। एजेंसी
एसटीएफ के मुताबिक, हर्षवर्धन ने गाजियाबाद से बीबीए और लंदन से एमबीए किया था। उसके पिता जेडी जैन एक प्रतिष्ठित उद्योगपति थे। गाजियाबाद में उनकी रोलिंग मिल और राजस्थान के बांसवाड़ा और कांकरोली में इंदिरा मार्बल्स और जेडी मार्बल्स नाम की खदानें थीं। हर्षवर्धन लंदन को मार्बल निर्यात करता था। साल 2000 में वह चंद्रास्वामी के संपर्क में आया। चंद्रास्वामी ने उसे हथियार डीलर अदनान खशोगी और अहसान अली सैयद से मिलवाया। सैयद के साथ मिलकर हर्षवर्धन ने लंदन में एक दर्जन से ज़्यादा कंपनियाँ बनाईं, जिनका इस्तेमाल दलाली और हवाला के लिए होता है।
हर्षवर्धन 2006 में अपने चचेरे भाई के साथ दुबई में बस गया। उसने हैदराबाद निवासी शफीक और दुबई निवासी इब्राहिम के साथ मिलकर वहाँ कई कंपनियाँ बनाईं। 2011 में वह भारत लौट आया। 2012 में वह स्वयंभू देश सेबोर्गा का सलाहकार बन गया और 2016 में पश्चिमी आर्कटिक का मानद राजदूत बन गया। फिर उसने पोलैंड और लोदोनिया का सलाहकार होने का दावा करना शुरू कर दिया। इसी आड़ में उसने राजनयिक नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में घूमकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
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