फतेहपुर में मंदिर-मजार विवाद पर बवाल, दोनों पक्षों में पथराव और मारपीट

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में मंदिर और मजार को लेकर कुछ समय पहले उपजे विवाद ने सोमवार को जमकर बवाल मचाया। मामले में 10 नामजद हिंदू संगठन के सदस्यों समेत 150 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। प्राचीन इमारत को ठाकुरद्वारा मंदिर बताते हुए हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर परिसर में पहुंच गए और वहां पूजा-अर्चना की। दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया तो दोनों तरफ से पथराव और मारपीट हुई। करीब दो घंटे तक चले इस संघर्ष में कई लोग घायल हो गए। मंदिर-मठ संघर्ष समिति ने सात अगस्त को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शहर के आबूनगर रेड़दया स्थित प्राचीन इमारत को ठाकुरद्वारा मंदिर बताते हुए कहा था कि सोमवार को इसमें पूजा-अर्चना और शुद्धिकरण किया जाएगा। यह भी दावा किया गया था कि इसमें बिना अनुमति के मजार स्थापित कर दी गई है। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता वहां एकत्र हो गए। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। करीब 11 बजे बैरिकेडिंग तोड़कर 300 से ज़्यादा कार्यकर्ता इमारत में पहुँच गए और पूजा-अर्चना करने लगे। वहाँ दूसरे पक्ष के लोग भी मौजूद थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट और पथराव शुरू हो गया। नारेबाजी भी हुई। हंगामे के दौरान तोड़फोड़ भी की गई। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश: शहर काज़ी अब्दुल्ला सईदुल इस्लाम ने कहा, पुरानी मज़ार को तोड़ने की कोशिश भाईचारा बिगाड़ने की साज़िश है। अगर किसी को आपत्ति है, तो वह अदालत जा सकता है।




