क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 3.80 करोड़ की ठगी, सुपेला पुलिस ने आरोपी को दबोचा

Bhilai Nagar. सुपेला पुलिस ने फाइनेंस अप इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंसी के नाम पर नेहरू नगर सुपेला में ऑफिस खोलकर क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश का वादा करके लोगों से 3.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने निवेशकों को 6 प्रतिशत मासिक मुनाफे का वादा करके लुभाया और निवेश मिलने के बाद एक ऐप के ज़रिए भारतीय मुद्रा को डॉलर में बदल दिया। उसने कुछ महीनों तक निवेशकों को मुनाफा दिया और मूल राशि अपने पास रख ली। इसके बाद उसने अपना ऑफिस बंद कर दिया और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक करेंसी गिनने वाली मशीन भी बरामद की है। ग्रामीण एएसपी मनीषंकर चंद्रा ने बताया कि 9 अक्टूबर को शिकायतकर्ता ने सुपेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह मार्च 2025 में शांति नगर निवासी हार्दिक कुदेशिया से मिला था।
उस समय कुदेशिया ने खुद को ट्रेडिंग से जुड़ा बताया और अपने निवेशकों को 6 प्रतिशत मासिक ब्याज का वादा किया। उसने शिकायतकर्ता को अच्छे मुनाफे का वादा करके लुभाया और पैसे निवेश करने को कहा। शिकायतकर्ता ने ऑनलाइन और नकद, दोनों तरह से अपने और अपने पिता अनुराग के खातों में 20 लाख रुपये का निवेश किया। इसके बाद उसे अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक ब्याज का भुगतान मिला, और फिर ब्याज का भुगतान बंद हो गया। जब शिकायतकर्ता नेहरू नगर स्थित ऑफिस गया, तो उसे बंद मिला। आसपास के लोगों ने उसे बताया कि हार्दिक ने कई लोगों से पैसे लेकर भाग गया है। रिपोर्ट के आधार पर सुपेला पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सुपेला पुलिस ने बताया कि आरोपी हार्दिक कुदेशिया ने 2024 में नेहरू नगर में अग्रसेन बैंक के पास फाइनेंस अप इन्वेस्टर एंड कंसल्टेंसी के नाम से एक ऑफिस खोला था। अपने सहयोगी के ज़रिए उसने निवेशकों के साथ एग्रीमेंट तैयार किए और उन्हें निवेश की गई राशि पर 6 प्रतिशत मासिक मुनाफा दिया। निवेशकों को लाने वाले अपने सहयोगियों से वह 3 प्रतिशत कमीशन लेता था। लोगों ने बैंक ट्रांसफर और नकद के ज़रिए पैसे निवेश किए। उसे बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के खातों में पैसे मिले। आरोपी ने अपने मोबाइल फोन में प्ले स्टोर से Binance ऐप डाउनलोड किया और उसका इस्तेमाल ट्रेडिंग के लिए किया, भारतीय रुपये को Binance ऐप के ज़रिए अमेरिकी डॉलर में बदलकर क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग की। ट्रेडिंग से डॉलर में कमाए गए मुनाफ़े को उसी ऐप के ज़रिए वापस भारतीय रुपये में बदला गया और सीधे आरोपी के अलग-अलग बैंक खातों में जमा कर दिया गया।
लैपटॉप पर ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड बनाए रखना और मोबाइल फ़ोन से Binance ऐप चलाना – ASP श्री चंद्र ने बताया कि आरोपी लगभग 4-5 महीनों से Binance ऐप पर ट्रेडिंग कर रहा था और मूल रकम पर मुनाफ़ा कमा रहा था। वह इस मुनाफ़े का 6 प्रतिशत निवेशकों के साथ शेयर करता था और 3 प्रतिशत कमीशन अपने साथी को देता था, जबकि मूल रकम खुद रखता था। आरोपी ने 76 निवेशकों को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पर 6 प्रतिशत रिटर्न का वादा करके कुल ₹3,08,05,000 का निवेश करवाया था। आरोपी अपने लैपटॉप पर सभी ट्रांज़ैक्शन का रिकॉर्ड रखता था और अपने मोबाइल फ़ोन से Binance ऐप चलाता था। पुलिस ने आरोपी से एक iPhone 16 Pro, एक Victus लैपटॉप, एक करेंसी गिनने की मशीन, निवेशक समझौते और अन्य दस्तावेज़ ज़ब्त किए हैं।
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