दिल्ली प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त: टोल प्लाजा बंद करने का आदेश, पुराने वाहनों पर बैन

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए तुरंत उठाए गए कदम पूरी तरह फेल हो गए हैं। प्रदूषण से निपटने के लिए प्रैक्टिकल समाधान ज़रूरी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को भी दिल्ली बॉर्डर पर मौजूद नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए एक हफ्ते के अंदर प्लान जमा करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में BS-4 एमिशन स्टैंडर्ड से नीचे के 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर बैन को भी मंज़ूरी दे दी।
चीफ जस्टिस (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, “नौ MCD टोल कलेक्शन बूथ को ऐसी जगहों पर शिफ्ट करने की संभावना तलाशें जहां NHAI के कर्मचारियों को तैनात किया जा सके और अस्थायी नुकसान की भरपाई के लिए टोल कलेक्शन का एक हिस्सा MCD को दिया जा सके।” MCD को इस मामले में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने पर एक हफ्ते के अंदर फैसला लिया जाना चाहिए और उसे रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।
दिल्ली सरकार मजदूरों को 10,000 रुपये देगी… प्रदूषण के कारण लगाई गई कड़ी पाबंदियों के बीच दिल्ली सरकार ने कंस्ट्रक्शन मजदूरों के लिए राहत का ऐलान किया है। सरकार GRAP-3 और GRAP-4 के कारण काम बंद होने से प्रभावित मजदूरों को 10,000 रुपये की सहायता देगी। दिल्ली के श्रम मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि यह फायदा सिर्फ उन्हीं मजदूरों को मिलेगा जो सरकार के साथ रजिस्टर्ड हैं। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
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