कपड़ा और रसायन क्षेत्र को निर्यात प्रोत्साहन मिशन से मिलेगा सहारा

अमेरिकी टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारत के कपड़ा और रसायन क्षेत्र पर होगा। उच्च टैरिफ से दोनों क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। इसको देखते हुए सरकार निर्यात प्रोत्साहन मिशन के तहत इन दोनों क्षेत्रों के लिए सहायता उपायों को प्राथमिकता दे सकती है। बृहस्पतिवार को वाणिज्य मंत्रालय ने कपड़ा और रसायन क्षेत्र के निर्यातकों के साथ बैठक की। इस दौरान अमेरिका की ओर से लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के संभावित प्रभाव और राहत उपायों पर चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि सरकार बजट में घोषित निर्यात प्रोत्साहन मिशन पर काम कर रही है।बजट में सरकार ने 2,250 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ मिशन की स्थापना की घोषणा की थी। इसके तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए आसान ऋण योजनाएं, ई-कॉमर्स निर्यातकों को सहयोग, विदेशी गोदामों की सुविधा और वैश्विक ब्रांडिंग पहलों जैसे उपाय शामिल होंगे। सरकार इस मिशन के तहत उन क्षेत्रों को समर्थन देने की योजना बना रही है, जो अमेरिकी शुल्कों से सबसे अधिक प्रभावित होंगे। रिपोर्ट
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