वास्तु टिप्स: जूतों की गलत जगह बढ़ाती है नेगेटिव एनर्जी और घर की परेशानियाँ

जूतों को सही तरीके से रखना सिर्फ़ साफ़-सफ़ाई की बात नहीं है, यह घर में पॉज़िटिव एनर्जी और शांति से भी जुड़ा है। ये आसान सावधानियां बरतने से खुशहाली, मेलजोल और पॉज़िटिव वाइब्स बनी रह सकती हैं। वास्तु शास्त्र में घर में पॉज़िटिव एनर्जी का बहुत महत्व है। कभी-कभी हम छोटी-छोटी बातों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन यही बुरी आदतें घर में नेगेटिविटी बढ़ाने में मदद करती हैं। जूतों से जुड़ी गलतियाँ उनमें से एक हैं। रोज़ इस्तेमाल होने वाले जूतों को गलत तरीके से रखने से घर की शांति, खुशहाली और खुशी पर असर पड़ सकता है। तो, आइए जूतों से जुड़े वास्तु दोषों और उनसे बचने के
तरीकों के बारे में जानते हैं:
जूते नेगेटिव एनर्जी क्यों बढ़ाते हैं?
जूते रोज़ धूल, नमी और गंदगी के संपर्क में आते हैं। वास्तु के अनुसार, वे बाहर से नेगेटिव एनर्जी भी लाते हैं। अगर उन्हें गलत दिशा में या गलत तरीके से रखा जाए, तो इसका असर माहौल और मन दोनों पर पड़ सकता है।
मुख्य दरवाज़े पर जूते रखना: मुख्य दरवाज़े को पॉज़िटिव एनर्जी का गेटवे माना जाता है। यहां जूते जमा करना अशुभ माना जाता है और इससे घर में अव्यवस्था और नेगेटिविटी बढ़ती है।
जूते खुले छोड़ना: बहुत से लोग अपने जूते-चप्पल उतारकर इधर-उधर बिखेर देते हैं। इससे एनर्जी का फ्लो रुकता है और माहौल अस्त-व्यस्त हो जाता है।
नए खबरों के लिए बने रहे सटीकता न्यूज के साथ।




