सावन शिवरात्रि 2025: सावन में भगवान शिव को क्या अर्पित करें

सावन शिवरात्रि 2025: सावन के पवित्र महीने में, विशेष रूप से सावन शिवरात्रि पर, भक्त भगवान शिव को भक्ति के प्रतीक के रूप में और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशिष्ट वस्तुएँ अर्पित करते हैं। प्रत्येक अर्पण का आध्यात्मिक महत्व होता है और माना जाता है कि यह परिवर्तन और आंतरिक शांति के देवता शिव को प्रसन्न करता है। यहाँ पारंपरिक रूप से क्या अर्पित किया जाता है, बताया गया है।
1 जल और दूध (जल और दूध अभिषेक)
शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाना सबसे पवित्र अनुष्ठान है। जल पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है, जबकि दूध पोषण और शांति का प्रतिनिधित्व करता है।
2 बेल पत्र (बेल पत्र)
बेल के पत्ते भगवान शिव को अर्पित किए जाने वाले सबसे प्रिय प्रसादों में से एक माने जाते हैं। तीन पत्तियों (त्रिपत्र) का एक समूह उनके त्रिदेवों, ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक है।
3 भस्म (पवित्र राख)
शिवलिंग पर पवित्र राख चढ़ाना त्याग और जीवन की क्षणभंगुरता, शिव की प्रमुख शिक्षाओं का प्रतीक है।
4 शहद और घी
रुद्र अभिषेक के दौरान इन्हें चढ़ाया जाता है और माना जाता है कि ये जीवन में मिठास और सकारात्मकता लाते हैं।
5 धतूरा और भांग
हालांकि असामान्य, ये जंगली पौधे भगवान शिव को प्रिय हैं। ये वैराग्य का प्रतीक हैं और गहरी भक्ति के साथ चढ़ाए जाते हैं।
6 सफेद फूल
शिव को सफेद फूल, खासकर कमल और चमेली बहुत प्रिय हैं। लाल फूलों से बचें, क्योंकि आमतौर पर इनका इस्तेमाल शिव पूजा में नहीं किया जाता है।
7 चावल (अक्षत)
अखंडित कच्चे चावल पूर्णता और शांति के प्रतीक के रूप में चढ़ाए जाते हैं।
8 चंदन का लेप
शिवलिंग पर चढ़ाने से यह देवता को शीतलता प्रदान करता है और शांति व आध्यात्मिक स्पष्टता का प्रतीक है।
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