धर्म-अध्यात्म
इस दिवाली कौन-सा प्रसाद बांटें? शुभ, सात्विक और अर्थपूर्ण विकल्प जानिए

दिवाली में कौन-सा प्रसाद (भोग) बांटना शुभ और अर्थपूर्ण माना जाता है, यह आपकी परंपरा, देवी-देवता की पूजा और पर्यावरण-संवेदनशील दृष्टिकोण पर भी निर्भर करता है।
यहाँ कुछ शुभ और व्यावहारिक विकल्प दिए गए हैं 👇
🌼 पारंपरिक और शुभ प्रसाद
- खीर या सेवइयाँ – लक्ष्मी जी की कृपा के प्रतीक, समृद्धि और शांति का संकेत।
- मोटिचूर लड्डू / बेसन लड्डू – सबसे लोकप्रिय दिवाली प्रसाद; भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी दोनों को प्रिय।
- पंजीरी या सूखे मेवे का मिश्रण – स्वास्थ्यवर्धक और दीर्घायु का प्रतीक।
- गुड़ और नारियल का भोग – शुद्धता और सौभाग्य का प्रतीक, साथ ही पर्यावरण के अनुकूल।
🌿 सस्टेनेबल और सोच-समझ वाला प्रसाद
- ड्राई फ्रूट्स के छोटे पैकेट – बिना बर्बादी के बांटने के लिए बेहतरीन विकल्प।
- घरेलू बने लड्डू (रवा, गोंद, मूंग दाल) – बाजार की मिठाइयों से बेहतर और हेल्दी।
- शुगर-फ्री या मिलेट (बाजरा, रागी) से बने प्रसाद – बुजुर्गों और स्वास्थ्य-जागरूक लोगों के लिए।
- मिठाई के बजाय तुलसी या पौधे का छोटा पौधा – एक प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक भेंट।
🔱 देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश के लिए पारंपरिक भोग
- लक्ष्मी जी के लिए: खीर, चावल, नारियल, पंचमेवा, और कमल के फूल।
- गणेश जी के लिए: मोदक, बेसन लड्डू, दूर्वा घास, गुड़।
💡 सुझाव:
- प्रसाद को छोटे इको-फ्रेंडली पैकेट्स में बांटें (जैसे केले के पत्ते या पेपर बॉक्स)।
- मिठाई की मात्रा सीमित रखें ताकि बर्बादी न हो।
- अगर आप समाज सेवा करना चाहें, तो प्रसाद के रूप में खाद्य सामग्री ज़रूरतमंदों में बाँटना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है।
🌸 मां लक्ष्मी के लिए दिवाली का शुभ प्रसाद
🪔 मुख्य प्रसाद (भोग)
- खीर (चावल या मखाने की) – लक्ष्मी जी का सबसे प्रिय प्रसाद।
- शुद्ध दूध, चावल, इलायची और केसर डालें।
- ऊपर से कटा मेवा और तुलसी पत्र चढ़ाएँ।
- मोटिचूर लड्डू / बेसन लड्डू – समृद्धि और आनंद का प्रतीक।
- पंचमेवा – बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट और नारियल का मिश्रण।
- गुड़ और घी – मां लक्ष्मी को अतिशुद्ध भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
- कमल गट्टा (मखाना) – लक्ष्मी जी का विशेष प्रिय भोग।
🍯 साइड प्रसाद या पूरक भोग
- नारियल का टुकड़ा या बर्फी – शुद्धता का प्रतीक।
- पंजीरी (सूजी, घी और मेवे से बनी) – हल्की और सात्विक।
- घी-शक्कर मिश्रण (मिष्री) – पूजन के बाद सभी को बांटने के लिए।
- ड्राई फ्रूट्स मिक्स छोटे पैकेट्स में – मेहमानों या मंदिर में बाँटने के लिए उत्तम।
🌿 विशेष नियम और संकेत
- लक्ष्मी जी को खुशबूदार वस्तुएं बहुत पसंद हैं — केसर, इलायची, चंदन का उपयोग करें।
- प्रसाद ताम्बे या चांदी की थाली में रखें।
- भोग के बाद तुलसी पत्र अवश्य अर्पित करें।
- प्रसाद बनाते समय प्याज, लहसुन और अन्न का प्रयोग न करें — यह सात्विक प्रसाद होना चाहिए।
💫 सस्टेनेबल प्रसाद वितरण सुझाव
- छोटे इको-फ्रेंडली बॉक्स या केले के पत्तों के कप में बाँटें।
- मिठाइयों के बजाय खीर या लड्डू के छोटे हिस्से दें, ताकि बर्बादी न हो।
- चाहें तो प्रसाद के साथ एक छोटी तुलसी या मनीप्लांट का पौधा भेंट करें — यह लक्ष्मी का प्रतीक है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है
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