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सफेद अंडे बनाम भूरे अंडे: कौन सा ज़्यादा स्वास्थ्यवर्धक है जाने यहाँ

सफेद अंडे बनाम भूरे अंडे: कौन सा ज़्यादा स्वास्थ्यवर्धक है?
(स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तुलना)
- पोषण में समानता: सफेद और भूरे दोनों अंडों में प्रोटीन, विटामिन B12, विटामिन D, और खनिज एक जैसी मात्रा में होते हैं।
- कोलेस्ट्रॉल और फैट: दोनों प्रकार के अंडों में कोलेस्ट्रॉल और वसा की मात्रा लगभग समान होती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य पर प्रभाव भी एक जैसा होता है।
- प्रोटीन गुणवत्ता: सफेद और भूरे अंडे दोनों ही उच्च गुणवत्ता वाला सम्पूर्ण प्रोटीन प्रदान करते हैं, जो शरीर की मांसपेशियों और ऊतकों के लिए ज़रूरी है।
- पचने में आसान: दोनों अंडे आसानी से पच जाते हैं और पेट पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डालते।
- स्वास्थ्य लाभ: अंडे आंखों, त्वचा, दिमाग और हड्डियों के लिए लाभकारी होते हैं—चाहे वे सफेद हों या भूरे।
- एंटीऑक्सीडेंट: दोनों प्रकार के अंडों में ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो आंखों की रोशनी को बेहतर बनाते हैं।
- मुर्गी का आहार महत्त्वपूर्ण: अंडे की पौष्टिकता इस बात पर अधिक निर्भर करती है कि मुर्गी ने क्या खाया, न कि अंडे के रंग पर।
- देसी बनाम फार्म अंडे: अक्सर भूरे अंडे को देसी माना जाता है, लेकिन यह हमेशा सही नहीं होता; रंग नस्ल से तय होता है, पोषण से नहीं।
- स्वास्थ्य पर प्रभाव: वैज्ञानिक रूप से, दोनों अंडे शरीर को समान स्वास्थ्य लाभ देते हैं—कोई ज़्यादा या कम नहीं।
- निष्कर्ष: स्वास्थ्य की दृष्टि से सफेद और भूरे अंडों में कोई विशेष अंतर नहीं है। दोनों ही समान रूप से स्वास्थ्यवर्धक हैं।
अतः: जो भी अंडा ताज़ा और साफ हो, वही बेहतर है—चाहे वह सफेद हो या भूरा।

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