
India।/ Report. दुर्ग. कोर्ट के आदेश के बाद घर खाली कराने आए कोर्ट स्टाफ के सामने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली। गुरुवार को हुई इस घटना में वह बुरी तरह जल गई। उसे इलाज के लिए रायपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरी पारा की रहने वाली शबाना निशा उर्फ रानी (37) किराए के मकान में रहती थी। उसके परिवार के अनुसार, शबाना चाहती थी कि मकान मालिक उसे वह घर बेच दे जिसमें वह रह रही थी ताकि वह वहीं रह सके। बताया जाता है कि मालिक इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जिला कोर्ट के फैसले के बाद,
कोर्ट स्टाफ उसे घर से निकालने आया।
इसी दौरान उसने आत्महत्या करने के इरादे से खुद को आग लगा ली। इस घटना में वह 95% जल गई। पीड़िता को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। शबाना निशा का राजनीतिक बैकग्राउंड भी है। उसने पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 28 पचरी पारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था। शबाना निशा बचपन से ही फेरू राम के घर में किराए पर रह रही थी। वह चाहती थी कि मालिक उसे घर बेच दे। लेकिन फेरू राम घर बेचना नहीं चाहता था। दोनों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। जब मामला हल नहीं हुआ, तो मालिक ने जिला कोर्ट में याचिका दायर की। शबाना कोर्ट में केस हार गई। जिसके बाद संपत्ति का कब्जा देने का आदेश जारी किया गया।
गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे कोर्ट स्टाफ उसे घर से निकालने आया। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। बातचीत के दौरान शबाना अचानक घर के अंदर गई और खुद को आग लगा ली। लोगों ने चादर की मदद से आग बुझाई। आग लगते ही शबाना आग की लपटों में घिरी हुई घर से बाहर निकली, जिसे देखकर कोर्ट स्टाफ पीछे हट गया।
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