आपके पसंदीदा चिप्स, कुकीज और कोल्ड ड्रिंक्स,चौंकाने वाली बात सामने आई

एक नए शोध में आपके पसंदीदा चिप्स, कुकीज और कोल्ड ड्रिंक्स, जिन्हें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फ़ूड कहा जाता है, के बारे में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। शोध के अनुसार, इन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फ़ूड की लत लोगों को उसी तरह जकड़ रही है जैसे शराब या ड्रग्स की लत। शोधकर्ताओं ने कहा कि अगर इन खाद्य पदार्थों को ‘लत’ के रूप में मान्यता नहीं दी गई, तो यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। दुनिया भर में इसके गंभीर प्रभाव हो सकते हैं। शोध की प्रमुख लेखिका एशले गियरहार्ट ने कहा, ‘लोगों को सेब या दाल-चावल की लत नहीं लगती। समस्या उन खाद्य पदार्थों से है, जिन्हें खास तौर पर इस तरह बनाया जाता है कि वे दिमाग पर लत की तरह असर डालते हैं।’
शोध में कहा गया, बच्चों के लिए विज्ञापन पर रोक लगे: शोध में कहा गया कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टरों और सरकारों को इस लत को पहचानना चाहिए, शोध के लिए धन मुहैया कराना चाहिए और उपचार के तरीके विकसित करने चाहिए। साथ ही, बच्चों के लिए विज्ञापन पर रोक, चेतावनी लेबल और जागरूकता फैलाने जैसे नियम भी लागू किए जाने चाहिए, जैसे तंबाकू आदि पर किए जाते हैं। गियरहार्ट ने कहा, ‘हम यह नहीं कह रहे कि हर खाद्य पदार्थ की लत लग जाती है, लेकिन कई अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ वाकई इस तरह से बनाए जाते हैं कि लोगों को उनकी लत लग जाती है। अगर हम इस सच्चाई को नहीं समझेंगे, तो खासकर बच्चों को काफी नुकसान होगा।’ यह शोध नेचर मेडिसिन नामक वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशित हुआ। इसमें 36 देशों में किए गए करीब 300 शोधों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि ये प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ दिमाग के उस हिस्से को सक्रिय कर देते हैं, जिससे हमें खुशी का एहसास होता है। यही वजह है कि व्यक्ति को बार-बार इन्हें खाने का मन करता है, भले ही इससे उसकी सेहत को नुकसान ही क्यों न हो। ये सभी लक्षण किसी नशे की लत जैसे ही हैं।
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